Raaj Kumar Top 10 Dialogues | actor Raaj Kumar Famous Dialogues | Arpit Krishnan
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Top 100 Iconic Bollywood Movie Dialogues of All Time | Best Movie Lines
Here’s a montage of the Top 100 Bollywood Dialogues/Movie Lines of All Time.

These dialogues have made career of the actors, have brought life to the characters the played and are impressed in our minds.

How many of the dialogues have you heard ??
Please comment your favourite movie dialogues.

What did I miss?? Let me Know..

100 was never enough, still..
If possible, I will upload another volume…
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Nawazuddin Top10_Dialogue
sunjay dutt top10_dialogue
shatrughansinha top10_Dialogue
danny top10 Diaologe
Amir Khan Top10 Dialogue

“बसंती इन कुत्तों के सामने मत नाचना…” धर्मेद्र, फिल्म ‘शोले’ में।

“यह हाथ मुझे दे दे ठाकुर!” अमजद खान, ‘शोले’ में।

“रिश्ते तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं, नाम है शहंशाह!” ‘शहंशाह’ में अमिताभ बच्चन।

“आज तो बहुत खुश होगे तुम…” ‘दीवार’ में अमिताभ बच्चन।

“मैं आज भी फेंके हुए पैसे नहीं उठाता।” ‘दीवार’ में अमिताभ बच्चन।

“मेरे पास मां है…” ‘दीवार’ में शशी कपूर।

“पुष्पा आई हेट टीयर्स!” ‘अमर प्रेम’ में राजेश खन्ना ।

“हम जहां से खड़े होते हैं लाइन वहीं से लगती है।” ‘कालिया’ में अमिताभ बच्चन।

“यह पुलिस स्टेशन है तुम्हारे बाप का घर नहीं!” ‘जंजीर’ में अमिताभ बच्चन।

“कुत्ते मैं तुम्हारा खून पी जाऊंगा…” धर्मेंद्र ‘शोले’ में।

“मर्द को दर्द नहीं होता…” ‘मर्द’ में अमिताभ बच्चन।

“तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख…” ‘दामिनी’ में सनी देओल।

“कौन कमबख्त बर्दाश्त करने के लिए पीता है…” शाहरुख खान, ‘देवदास’ में।

“अगर मैने एक बार कमिटमेंट ली तो मैं खुद की भी नहीं सुनता” ‘वॉन्टेड’ में सलमान खान।

“जिनके घर शीशे के होते हैं वह दूसरों के घर पत्थर नहीं फेंका करते।” राजकुमार ‘वक्त’ में।

“आपके पांव बहुत खूबसूरत है, इन्हें जमीन पर मत रखिएगा… मैले हो जाएँगे।” ‘पाकीजा’ में राजकुमार।

“ये ढाई किलो का हाथ जिस पर पड़ जाता है वह उठता नहीं… उठ जाता है!” ‘दामिनी’ में सनी देओल।

“जिंदगी एक मिली है तो दो बार क्या सोचना…” ‘डर्टी पिक्चर’ में विद्या बालन।

“मुझे न बचपन से शादी करने का बड़ा क्रेज है बायगॉड!” ‘जब वी मेट’ में करीना कपूर।

“डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है।” ‘डॉन’ में शाहरुख खान।

“डॉन के दुश्मनों की सबसे बड़ी गलती यह है कि वे डॉन के दुश्मन हैं।” ‘डॉन’ में शाहरुख खान।

“हम सब इस रंगमंच की कठपुतलियां हैं जिसकी डोर ऊपर वाले हाथों में है।” ‘आनंद’ में राजेश खन्ना।

“मुझपे एक अहसान करना कि मुझ पर कोई एहसान न करना…” सलमान खान ‘बॉडीगार्ड’ में।

“मैं जो बोलता हूं वह करता हूं, जो मैं नहीं बोलता वह जरूर करता हूं…” ‘राउडी राठौर’ में अक्षय कुमार।

“दूध मांगोगे तो खीर देंगे, कश्मीर मांगोगे तो चीर देंगे” सनी देओल ‘मां तुझे सलाम’।

“जहांपना तुसी ग्रेट हो, तोहफा कुबूल करो…” ‘थ्री इडियट्स’ में शरमन जोशी सहित कई कलाकार।

Nawazuddin Siddiqui is renowned Bollywood actor. He is known for his superb performances and dialogues in Freaky Ali, Gangs of Wasseypur, Bajrangi Bhaijaan, Raman Raghav 2.0, Kahaani, Badlapur, Manjhi The Mountain Man, Raees, Talaash, The Lunchbox, Kick, etc..By making his way from an extra in Dev D to playing every character nearly as perfectly as possible, he is leaving an indelible mark in Bollywood. If he is in a movie, chances are it will do well with film-goers who appreciate aesthetic cinema and will live on to add another benchmark in acting. It almost seems like the movies he will be starring in, will be replete with crass Hindi dialogues which will be thrown around among friends, in all the time to come. Nawaz is playing the sacred game of cinema as mortally sinful as possible and we love him for it.You have appreciated his coy Faizal romance with Mohsina, Ramanna’s lesson to Raghavan and the man is now going viral for his role in Netflix’s Sacred Games.
To appreciate his fabulous acting skills, we have compiled his best dialogues.
Kabhi kabhi lagta hain ki apun hi bhagwaan hain
Tohar ko itna chahte hai, itna chahte hai,
Jeet mein toh har aadmi saath deta hai
Nafrat badi aasani se bik jaati hai…lekin mohabbat
Raees ka aur mera rishta bada ajeeb hai

भगवान के भरोसे मत बैठिए…. क्याa पता भगवान हमारे भरोसे बैठा हो..
पैदा तो मैं भी शरीफ हुआ था, पर शराफत से अपनी कभी नहीं बनी…
खेल कोई भी हो… हम गरीब लोग या तो जीतते हैं… या सीखते हैं… हारते कभी नहीं…
धंधे में दो चीजों पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए… एक तो खुद से पैदा होने वाले खौफ पे… और दूसरा किसी के साथ पे…
मेरी अम्मी कहती है कि कभी कभी गलत ट्रेन भी सही जगह पहुंचा देती है!!
जिसे जिंदगी की परवाह होती है मां कसम, मरने को मजा उसी को आता है…
कराची से लोग ईद मनाने अपनों में अंदरुने मुल्के जा रहे हैं… कैमरामैन कामिल युसुफ के साथ चांदनवाब कराची…
रईस का और मेरा रिश्ता. बहुत अजीब है… पास रह नहीं सकता और साला दूर जाने नहीं देता…
जीत में तो हर आदमी साथ देता है… साथी तो वो है जो हार में भी साथ दे…
शानदार… जबरदस्त … जिंदाबाद…

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