सरकारी सेक्टर के कर्मचारियों के लिए आ रहा है ज्यादा बदलाव, ऑफिस में उपस्थिति दर्ज कराने की बजाय घर से करना होगा काम

3 weeks ago 14

सरकारी नौकरी में काम कर रहे लोगों के लिए एक बहुत बड़ा बदलाव निकट भविष्य में उनका इंतजार कर रहा है। इसके तहत उनकी शारीरिक मौजूदगी ऑफिस में अनिवार्य नहीं होगी। कुछ समय में यह अतीत की एक बात हो जाएगी।

आनेवाले दिनों में यह एक नया चलन हो सकता है

अग्रणी पीएसयू जैसे कि इंडियन ऑयल, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा ने इनकी संभावनाएं तलाशना शुरू कर दिया है। क्योंकि अब इन्हें भी कोविड-19 के प्रचार को रोकने के लिए हर हाल में ठोस कदम उठाना है। पीएफसी में मानव संसाधन के प्रभारी निदेशक (वाणिज्यिक) पीके सिंह कहते हैं कि आने वाले दिनों के लिए एक नया चलन हो सकता है।

पीएफसी नेवीडियो कांफ्रेंसिंग एप उपलब्ध कराया

हाल ही में पीएफसी ने अपने स्टॉफ को लैपटॉप, वीडियोकांफ्रेंसिंग एप उपलब्ध कराया है। अपने 80 प्रतिशत लोगों को घर से काम करने के लिए पूरा आईटी बैकएंड स्थापित किया है। यह एक नई कार्य संस्कृति और पर्यावरण पैदा करेगा। सिंह ने कहा, परिणाम स्वरूप हम उत्पादकता बढ़ाने, प्रेरणा में वृद्धि और वर्क लाइफ में संतुलन पैदा कर सकेंगे।

अच्छी खासी संख्या घर से काम करने में सक्षम

कांकोर्ड भारतीय ऑयल के निदेशक (मानव संसाधन) रंजन कुमार महापात्र ने कहा कि कोविड-19 ने हमारे इस विश्वास की पुष्टि की है कि हमारे प्रशासनिक कार्यबल का एक अच्छी खासी संख्या घर से काम कर सकती है। जिससे उच्च स्तर की प्रो़डक्शन बनाए रखते हुए एसेट्स पर तनाव कम हो सकता है। देश की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी और फ्यूल रिटेलर इंडियन ऑयल ने उन कार्यों और भूमिकाओं की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जो उत्पादकता को प्रभावित किए बिना घर से काम कर सकते हैं। कंपनी के पास 33,000 से अधिक कर्मचारी हैं जिनमें से लगभग 40 प्रतिशत ने लॉकडाउन लागू होने के तुरंत बाद घर से काम करना शुरू कर दिया।

एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा का विकल्प खुला

महापात्र ने कहा कि हालांकि, जैसा कि आज है, उनमें से लगभग 70 प्रतिशत (40 प्रतिशत जो दूर से काम कर रहे थे) घर से काम कर रहे हैं। जबकि बाकी ने कार्यालयों से काम करना शुरू कर दिया है। एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे अन्य लोगों के पास भविष्य में घर से काम करने के अधिक विकल्प खुल सकते हैं। स्ट्रैटेजिक एचआर और एचआर इंटीग्रेशन के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा के हेड जॉयदीप दत्ता रॉय ने कहा, हम इस वर्क फ्रॉम होम कॉन्सेप्ट्स को फाइनट्यून करेंगे और इसे जारी रखेंगे।

इससे यात्रा का समय औरलागत की होगी बचत

रॉय ने कहा कि इसमें कर्मचारियों को ज्यादा फ्लैक्सिबिलिटी देने और यात्रा के समय की बचत के अलावा कंपनियों के लिए बड़ी लागत और समय की बचत का फायदा है। एसबीआई में मानव संसाधन (ह्यूमन रिसोर्स) के डीजीएम आलोक कुमार चौधरी ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक के पास कुल 2.56 लाख कर्मचारी हैं। कर्मचारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उनकी नौकरी प्रोफाइल या आवश्यकताओं के आधार पर घर से काम कर रहा है।

लॉकडाउन खत्म होने के बाद कंपनियां करेंगीअध्ययन

घर से काम को सक्षम करने के लिए आईटी बैकअप की स्थापना और सुरक्षा प्रणाली सेट अप की जरूरत है। विशेषज्ञों ने कहा, अब जबकि कंपनियां पहले ही इंफ्रास्ट्रक्चर लागू कर चुकी हैं तो वर्क फ्रॉम होम सिस्टम को संस्थागत बनाना काफी आसान हो जाएगा। हालांकि एक बार लॉकडाउन खत्म होने के बाद काफी सारी कंपनियां इस बात पर अध्ययन करेंगी की घर से काम करने पर उनको क्या फायदा या नुकसान हो सकता है। उसके बाद ही इसे पूरे तरीके से लागू किया जा सकता है। पर यह तय है कि कोविड-19 ने इसे काफी आसान कर दिया है।



Download watchnext.in App to read Latest Hindi News Today एसबीआई के पास कुल 2.56 लाख कर्मचारी हैं। कर्मचारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा घर से काम कर रहा है।